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पति पत्नी का रिश्ता कैसे सुधरा।

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पति पत्नी का रिश्ता कैसे सुधरा।


    पति जब ऑफिस के लिये निकलता है सारा दिन ऑफिस में काम करने के बाद घर आता है।

पति:– अपनी पत्नी को पानी पिलाने को कहता है।
पत्नी:– पानी लाने में थोड़ी देर हो जाती है।
पति गुसे से कहता है। मार गई हो क्या एक काम भी ठीक से नही करती।
घर मे सारा दिन तो बैठी रहती हो फिर जब मैं एक काम बोलूं वो भी तुमसे नही होता।

पत्नी कहती है आप तो ऑफ़िस चले जाते है। आठ घंटे काम करते है। बस छुटी हो जाती है मुझे तो दिन रात घर के पीछे लगा रहना पड़ता है।
बच्चों को संभालो, आपकी जरूरते, खाना , ओर घर का सारा काम करते करते मेरा दिमाग खराब हो जाता है।
कभी मेरी जगह ले कर देखो फिर पता चलेगा।
पति भी बोलता है हां तुम मेरी जगह ले लो में देखता हूँ कितना काम करती हो।
भगवान से पराथना करूँगा अगले जन्म में तुम मेरी जगह और में तेरी जगह में रहूँ।

पति पत्नी के बीच काफी झगड़ा होने लगता है।
और बार बार भगवान का नाम ले रहे होते है

की तभी भगवान वहाँ आ जाते है।
पति पत्नी को कहते है। तुम दोनों अपनी जगह बदलना चाहते हो।

पति-पत्नी  एक साथ बोलते है हां

भगवान बोलते है ठीक है आज रात सो कर जब नींद से जागोगे दोनों बदल चुके होंगे,
काल से पति पत्नी की ज़िंदगी और पत्नी पति की ज़िंदगी जियेगा।
तथास्तु।
बोल कर वहां से अदृश् हो जाते है।

दोनों मन ही मन बहुत खुश होते है और सो जाते है।
सुबह 5 बजे का अलार्म बजता है। जो पहले पत्नी थी उसकी आंखें खुलती है।
तो देखती है कि वो पति की जगह खुद को पाती है।

फिर वो पहले जो पति था अब पत्नी बन गई।
उसे उठती है।
वो आंखे बंद किये बोलती है टाइम क्या हो गया जबाब 5 बज गए उठो।
पत्नी अभी बहुत टाइम पड़ा है थोड़ा सा लेने दो
पति मुझे 7:30 बजे ऑफिस जाना है। नाश्ता और लांच बॉक्स तैयार हो जाना चाहिये।

पत्नी सुन कर उठ बैठती है, फिर उसे याद आया अब तो मैं पति नही हूँ पत्नी बन गई।

टाइम देखती है 5:20 जल्दी से रसोई की तरफ जाती है। खाना बनाने में लग जाती है।

7 बजे पति ओर दोनों बच्चे नाहा नाश्ता मागते है।

पत्नी कहती है बस 5 मिनट में लाती हूँ।

जब 7:20 हो जाता है नाश्ता लाती है।
जला हुया पराठा दाल में तेज नामक सब्जी भी जली हुई,
देख कर बच्चे खाना नही खाते।
पति चुप रहता है और मन ही मन खुश होता है। अब पता चला पत्नी होना किसे कहते है।

पति बच्चों को कहता है चलो बच्चों आज हम बाहर ही नाश्ता कर लेंगे।

कहते हुये बच्चों को ले कर ऑफिस के लिये निकल जाता है।

पति जब ऑफिस पहुचता है सामने ही बॉस खड़ा होता है, आज फिर लेट हो गए तुम
ओर इतना ही नही और भी इतना कुछ बोलता है कि
पत्नी जो बनी थी अब पति है उसकी आँखों मे पानी भर जाता है।

काम करते करते हिसाब में गड़बड़ हो जाती है फिर बॉस की बातें सुननी पड़ती है।
सारा दिन इतना खराब निकलता है जैसे ज़िन्दगी में ऐसा दिन कभी नही निकल हो।
फिर मन  ही मन सोचता है पत्नी बन कर ही में अछि थी। पति के सिवा कोई मुझे बोलने वाला नही होता था।
यहां पे तो गलती पकाने वालो की और सुनाने वालों की कमी नही।

इधर पत्नी घर की साफ सफाई और कपड़े धोने से लेकर झाड़ू पोछा करती है।
बच्चे स्कूल से घर आ जाते है।
खाना मागते है। बच्चों को खाना पसंद नही आता बच्चे तांग इतना करते है कि ओर कोई काम ही नही कर पाती।

और शाम को जब पति घर आता चुप चाप अपने रूम में आ कर बैठ जाता है।
पत्नी पानी लाती है।
माग़र दोनों बातें नही करते।
फिर पत्नी बोलती है एक बात बोलूं गुसे तो नही करोगे।
पति:-  हां बोलो।
पत्नी :- आज खाना तुम बना दो बच्चों ने और आपने सुबह से पता नही क्या खाया होगा।
पति:- अरे बच्चों को तो मैने सुबह खाना खिला दिया था। और पैसे भी देय थे दुपहर को  खा लेना।
माग़र तुमने क्या खाया। जब तुम पति थे खाना थोड़ा खराब बन जाता था तुम खाना ही नही कहते थे।
पत्नी:- नही मेने तो वो ही खाना खा लिया था।

पत्नी कहती है में पहले पति ही ठीक था घर को संभालना मेरे वश की बात नही।

पति भी जाहि कहता है कि मैं घर में पत्नी बन कर ही ठीक थी।

रोते हुये भगवान को दोनों कहने लगे हमें पहले जैसा कर दें फिर भगवान वहाँ आते है।
और कहते है सो कर जब जागोगे तुम दोनों वापस अपनी अपनी जगहा ले लोगे।
माग़र ईसे सपना समझ कर भूल नही जाना, तुम दोनों में से कोई भी कम यां कम जिमेदारी नही उठता। दोनों बराबर के हो।
इतना कहते ही भगवान वह से चले जाते है।

और तभी सुबह अलार्म की घंटी बजने लगती है।
आँखें खिली तो दोनों ने खुद को बिस्तर में पाया।
वो समझ ही नही पाए कि जो कुछ भी हुए जे कोई सपना था या हक़ीक़त। माग़र पति-पत्नी का रिश्ता उस दिन के बाद जरूर सुधार गया। अब दोनों में झगड़े नही होते। एक दूसरे को समझते है और एक दूसरे का खयाल रखते है।


पति-पत्नी का रिश्ता कैसे सुधरा
लेखक सरवन मंडल हिंदी बोल पर प्रकाशित
अगर आपके पास भी कोई कहानी ऐसी है तो हम से संपर्क करें, ओर अपनी कविता, कहानी, Hindibol.in पर फ्री में प्रकाशित कर सकते है।

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